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कोरोना के बढ़ते मामले : कोरोना का कहर खराब करने लगी बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, कोरोना महामारी में दोगुने मामले सामने आ रही है |

कोरोना की कहर के वजह से घबराहट से शरीर में धड़कन तेज हो रहा है, पेट में दर्द होने का एहसास होना, चिंता और बेचैनी का अनुभव होने लगता है। बच्चों को परीक्षा देने से पहले या ऐसी ही किसी तनाव वाली स्थिति में इस समस्या होने का सम्भावना हो सकता है।

कोरोना महामारी के दौरान मुँह का स्वाद और घबराहट जैसी समस्या सामने आ रही हैं, कम उम्र के बच्चों और किशोरों ने बड़ा भावनात्मक आघात झेला है। लेकिन अब पता चला है कि यह मनोविकार बच्चों की तो पढ़ाई-लिखाई ही खराब कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों अनिश्चितताओं से घिरे बच्चों में घबराहट का असर अब कक्षाओं में भी दिखने देने लगा है। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ब्रिस्बेन में शिक्षा विभाग की वरिष्ठ प्रधान अध्यापक एलिजाबेथ जे एडवर्ड्स के मुताबिक, अकेले ऑस्ट्रेलिया में हर सात में से एक नागरिक बेचैनी से जुलज रहा है। बच्चों में तो यह स्थिति ज्यादा चिंताजनक हो गई है। देशभर में 6.1 फीसदी लड़कियां और 7.6 फीसदी लड़के यह नकारात्मक समस्याएं हैं |

घबराहट कैसे होती हैं : घबराहट की वजह से शरीरकी  धड़कन तेज होना लगता हैं, पेट में कुछ घुमड़ने का एहसास होता हैं, चिंता और बेचैनी का अनुभव होने लगता है। बच्चों को इम्तिहान देने से पहले या ऐसी ही किसी तनाव वाली स्थिति में इस समस्या से जूझना पड़ सकता है। जब घबराहट असहनीय हो जाए तो यह हमारे रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करने लगता हैं, यही बड़ी समस्या बनने की संभावना हो सकती है।

घबराहट आना 
विज्ञानं का कहना है कि बच्चों में घबराहट शुरू होने की औसतन आयु 11 वर्ष देखी जा रही है।ध्यान से सोचने वाली बात है कि ये आंकड़े महामारी से पहले के हैं। लेकिन जर्नल फॉर द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जामा) द्वारा इस साल अगस्त में प्रकाशित शोध का कहना है, दुनियाभर में 25 फीसदी युवा अत्यधिक घबराहट से पीड़ित हैं। विज्ञानं में बताया गया कि पहले के आंकड़ों की तुलना में कोरोना काल में अवसाद और घबराहट के मामले दोगुने हो रहे हैं।
Acadmic इस तरह यूं डालती है असर :
ध्यान देने वाले विषयों के चयन (अटेंशन कंट्रोल) के सिद्धांत के अनुसार, घबराहट मानसिक क्षमताओं को प्रभावित करती है। वयस्कों में कामकाज के स्तर पर इसका बुरा प्रभाव होता है, तो बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर। अधिक घबराहट का सामना कर रहे बच्चों का ध्यान कक्षा में अपने काम के बजाय चिंताजनक विचारों की ओर बन रह है।
समस्यायों का समाधान करने के लिए ये  उपाय को करे :
घबराहट से गुजर रहे बच्चों का हौसला बढ़ाएं
विफलताओं के बाद नया करने में ध्यान लगाएं
उनकी छोटी-छोटी सफलताओं या प्रयासों की प्रशंसा करें और आगामी सुधार से अवगत कराएं
उनके विचार और भावनाओं पर ध्यान दे, उनकी बातें सुनें और प्यार से बाते करे | 

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