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हिंदुत्व की तुलना : आईएसआईएस से करने पर आजाद ने घेरा तो सलमान खुर्शीद ने की तीखी टिप्पणी, जानें क्या बोले

 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने खुर्शीद की पुस्तक की बात करते हुए कहा था कि हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और जिहादी इस्लाम से करना तथ्यात्मक रूप से गलत और अतिशयोक्ति है।

हिंदुत्व की तुलना आतंकवादी समूहों बोको हरम और आईएसआईएस के जिहादी इस्लाम से करने को लेकर विवाद जारी है।  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की ओर से अपनी नई पुस्तक में कथित तौर पर  जहां पहले भाजपा ने खुर्शीद को निशाने पर लिया, वहीं गुरुवार देर शाम तक कांग्रेस से अलग-थलग चल रहे जी23 गुट के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी खुर्शीद की किताब में की गई इस तुलना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया। अब इस पर खुद सलमान खुर्शीद ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि मैं उनसे (आजाद से) किसी बहस में नहीं पड़ना चाहता।

क्या बोले थे गुलाम नबी आजाद?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने खुर्शीद की पुस्तक का जिक्र करते हुए ट्वीट में कहा था, ‘‘हम भले ही हिंदुत्व को हिंदू धर्म की मिली-जुली संस्कृति से अलग एक राजनीतिक विचारधारा मानकर इससे असहमति जताएं, लेकिन हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और जिहादी इस्लाम से करना तथ्यात्मक रूप से गलत और अतिशयोक्ति है।’’

क्या रही है सलमान खुर्शीद की प्रतिक्रिया?

गुलाम नबी आजाद के इस बयान पर सलमान खुर्शीद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "ये उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया लग सकता है, लेकिन यह मुझे बिल्कुल भी बढ़ाया-चढ़ाया नहीं लगता।" खुर्शीद ने आगे कहा, "मैं उनसे (आजाद) से किसी बहस में नहीं पड़ना चाहता, क्योंकि मुझे लगता है कि उन्होंने यह सब एक आकस्मिक क्षण में कहा होगा और इस पर कोई गंभीर विचार नहीं किया होगा। लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो हम उनकी कही बात का सम्मान करते हैं। वे एक वरिष्ठ नेता हैं। लेकिन इससे मेरी सोच नहीं बदलेगी।"

किताब में लिखी बातों पर सफाई देते हुए खुर्शीद ने कहा- मैंने इन लोगों (हिंदुत्व वालों को) आतंकवादी नहीं बता रहा। मैंने सिर्फ यह कहा है कि वे धर्म का रूप बिगाड़ने में काफी एक जैसे हैं। जो हिंदुत्व ने किया है, उसने सनातन धर्म को किनारे कर दिया और हिंदुवाद और हिंदुत्व ने बोको हरम और आईएस जैसी मजबूत और आक्रामक स्थिति बना ली है। कांग्रेस नेता ने कहा, "मैं इस तुलना में किसी और के बारे में नहीं सोच पाता। मैंने सिर्फ यह कहा कि वे काफी समान हैं। सिर्फ इतना ही। इसका हिंदुवाद से कोई लेना-देना नहीं। हिंदुत्व सिर्फ धर्म को तोड़-मरोड़ को पेश करने जैसा है।"



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