Type Here to Get Search Results !

Raised the issue of Female Feticide: 'जयेशभाई जोरदार' से भी उठा 'कन्या भ्रूण हत्या' का मुद्दा

Raised the issue of Female Feticide: 'जयेशभाई जोरदार' से भी उठा 'कन्या भ्रूण हत्या' का मुद्दा

फिल्मों का वास्तविकता से गहरा संबंध होता है। सिनेमा समाज का आइना होती हैं और इन्हें देखकर समाज में परिवर्तन भी आता है। हिंदी सिनेमा में महिलाओं को दिखाने का नजरिया दुनिया भर के फिल्म प्रशंसकों के बीच बहस और चर्चा का विषय बना रहता है। 



अब हमारी फिल्मों में महिलाओं को सशक्त दिखाया जाता है लेकिन अभी भी कहीं-कहीं हमारे देश में कुछ ऐसी प्रथाएं हैं, जो हमारी बच्चियों को जन्म तक नहीं लेने देती। इसी मुद्दे को उठाते हुए अब बॉलीवुड एक नई कहानी सबके सामने प्रस्तुत कर रहा है। 

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह आजकल अपनी फिल्म 'जयेशभाई जोरदार' को लेकर काफी चर्चाओं में हैं। आज यानी 19 अप्रैल को उनकी इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया है। यह फिल्म भारत में 'कन्या भूर्ण हत्या' के एक गंभीर मुद्दे को उठा रही है। 


दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले रणवीर सिंह की यह फिल्म लोगों में जागरुकता लाने का काम करने वाली है। हमारा देश कई मायनों में आगे बढ़ गया है लेकिन कहीं न कहीं अभी भी इसकी सोच में विस्तार आना बहुत जरूरी है। आज हम आपको इस आर्टिकल में इसी मुद्दे पर बनी फिल्मों और सीरियलों के बारे में विस्तार से बताएंगे। आइए जानते हैं 'जयेशभाई जोरदार' से पहले कौन-कौन सी फिल्में और सीरियल इस मुद्दे को उठा चुके हैं। 


फिल्म का नाम-  मातृभूमि
निर्देशक- मनीष झा
साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म 'मातृभूमि' कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ भारतीय सिनेमा की यह पहली बुलंद आवाज थी। इसकी कहानी एक कल्कि नाम की खूबसूरत महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पिता के साथ एक गांव में रहती है। 

वह, जिस गांव में रहती है वहां कन्या भ्रूण हत्या और कन्या  हत्या की प्रथा प्रचलित है। लड़कियों की कमी के कारण क्लकि की शादी गांव के पांच पुरुषों से हो जाती है, जो रिश्ते में इसके भाई लगते हैं। इस शादी के बदले भारी रकम दी जाती है और कल्कि को शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है। फिल्म में कन्या भ्रूण हत्या और महिला उतपीड़न के मुद्दे को बहुत ही अच्छे ढ़ंग से दिखाया गया है।


फिल्म का नाम-  काली खुही
निर्देशक- टैरी समुद्र
साल 2020 में कन्या भ्रूण हत्या पर आई हॉरर फिल्म 'काली खुही' में इस मुद्दे को एक अलग ढंग से सामने लाती है। यह फिल्म दस साल की बच्ची शिवांगी की नजर से  पंजाब के एक गांव की अजीबो-गरीब घटनाओं को दिखाती है, जिसे गांव वालें भूत-प्रेत से जोड़ते हैं। इस फिल्म में शबाना आजमी अहम भूमिका निभा रही हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad