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Violence in Pakistan: इस्लामाबाद आजादी मार्च में हिंसा

Violence in Pakistan: इस्लामाबाद आजादी मार्च में हिंसा

सरकार ने रैली पर रोक लगा दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश थे कि आजादी मार्च' के लिए पीटीआई को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराएं।




पाकिस्तान में जल्दी चुनाव को लेकर पूर्व पीएम इमरान खान के आह्वान पर उनकी पार्टी पीटीआई द्वारा निकाले गए इस्लामाबाद मार्च के दौरान हिंसा भड़क उठी। सुरक्षा बलों के साथ टकराव में छह की मौत होने और कई जवानों के घायल होने की खबर है। मेट्रो स्टेशन भी फूंक दिया गया। गुरुवार को इमरान ने शहबाज सरकार को छह दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस दौरान चुनाव की घोषणा नहीं की तो पूरा देश इस्लामाबाद कूच करेगा। 


पूर्व पीएम इमरान खान की इस्लामाबाद रैली को रोकने के दौरान पुलिस व पीटीआई कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस्लामाबाद का मेट्रो स्टेशन फूंकने की खबर की है। इसके बाद शहबाज शरीफ सरकार ने इस्लामाबाद में सेना तैनात कर रेड जोन घोषित कर दिया। सरकार ने रैली पर रोक लगा दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश थे कि आजादी मार्च  के लिए पीटीआई को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराएं। 


शहबाज शरीफ सरकार को बताया 'आयातित'
गुरुवार सुबह इमरान खान ने इस्लामाबाद के जिन्ना एवेन्यू में अपनी पार्टी के हजारों समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने संघीय सरकार को छह दिन का अल्टीमेटम दिया। खान ने कहा कि यदि 'आयातित सरकार' ने छह दिन में चुनाव का एलान नहीं किया तो वे पूरे देश की जनता के साथ फिर इस्लामाबाद कूच करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के के विरोध मार्च को रोकने के लिए सरकार ने गिरफ्तारी व छापों का सहारा लिया। पूर्व पीएम ने मामले का संज्ञान लेने के लिए पाक सुप्रीम कोर्ट के प्रति आभार जताया। 

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, खान ने दावा किया कि उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पांच प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में मारे गए। एक आंसू गैस के गोले के बीच अटक पुल से गिर गया था और दूसरा रावी नदी में धकेल दिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी सूचना मिली थी कि कराची में तीन मारे गए हैं। 

हजारों समर्थकों के साथ बेनी गाला लौटे
इमरान खान ने बताया कि वह 30 घंटे का सफर कर खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद पहुंचे हैं। डॉन के अनुसार छह दिन के अल्टीमेटम के बाद इमरान खान व उनके हजारों समर्थक बेनी गाला स्थित पूर्व पीएम के आवास की ओर लौट गए। बुधवार देर रात वह अपने समर्थकों के साथ इस्लामाबाद के पास स्थित डी-चौक पहुंचे थे। उन्होंने वहीं धरने का एलान किया था। तड़के उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था 'हम जेहाद करने निकले हैं, सियासत करने नहीं।'

रात ढाई बजे डी चौक पर गोलीबारी की खबर
पंजाब प्रांत के सीनेटर एओन अब्बास बुप्पी के अनुसार इस्लामाबाद के डी-चौक पर रात 2.30 बजे गोलीबारी की गई। इसके बाद पीटीआई ने ट्वीट किया 'पाकिस्तान के लोगों द्वारा अपनी जान बचाने के लिए जबरदस्त प्रयास ! माशाअल्लाह, अल्लाह आप (प्रदर्शनकारियों) लोगों को सलामत रखे वे क्या पारी खेल रहे हैं।'

रावलपिंडी, इस्लामाबाद में शैक्षिक संस्थान बंद
सरकार ने कई जगहों पर धारा 144 लागू कर दी है, ताकि लोगों को बड़ी संख्या में एकत्र होने से रोका जा सके। पंजाब के गृह सचिव सैयद अली मुर्तजा ने बताया कि सबसे बड़े प्रांत में शांति की खातिर अर्धसैनिक रेंजर बुलाए गए हैं। 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी इस्लामाबाद बुलाए हैं। लाहौर, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सड़कों पर बाधा खड़ी कर कई मुख्य मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है। इस्लामाबाद, रावलपिंडी में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं।

जल्दी चुनाव पर अड़े हैं इमरान
दरअसल, इमरान देश में समय पूर्व चुनाव कराने की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि उन्हें अपदस्थ करने के बाद बनी शहबाज शरीफ सरकार अगले साल तय समय यानी अगस्त 2023 में चुनाव चाहती है। खान ने इसी मांग को लेकर 25 मई को लाहौर से इस्लामाबाद तक आजादी मार्च शुरू किया था। इमरान खान ने पिछले महीने नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाई शहबाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री बनाए गए।

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